The Essence of the Tantra· 8.82 / 93

The Essence of the Tantra8.82

8.82

भोक्त्रंशाच् छादकात् तु तमःप्रधानाहङ्कारात् तन्मात्राणि वेद्यैकरूपाणि पञ्च

Transliteration (IAST)

bhoktraṃśāc chādakāt tu tamaḥpradhānāhaṅkārāt tanmātrāṇi vedyaikarūpāṇi pañca

— भोक्तृ-अंश से ; — आच्छादक — आवरण करने वाला ; — तमः-प्रधान अहङ्कार से ; — तन्मात्र (सूक्ष्म भूत) ; — वेद्य-एक-रूप — केवल ज्ञेय (विषय) रूप वाले

किन्तु भोक्तृ-अंश रूप आच्छादक तमः-प्रधान अहङ्कार से वेद्य-एक-रूप पाँच तन्मात्र (उत्पन्न होते हैं)।