संविदो मायया अपहस्तितत्वेन कलादीनाम् उपरिपातिनां कञ्चुकवत् अवस्थानात्
Transliteration (IAST)
saṃvido māyayā apahastitatvena kalādīnām uparipātināṃ kañcukavat avasthānāt
क्योंकि माया से संवित् के अपहस्तित (पीछे ढकेले जाने) के कारण कला आदि उसके ऊपर पड़ते हुए कञ्चुक (कवच) की भाँति अवस्थित रहते हैं।