The Essence of the Tantra· 8.55 / 93

The Essence of the Tantra8.55

8.55

तद् इदं मायादिषट्कं कञ्चुकषट्कम् उच्यते

Transliteration (IAST)

tad idaṃ māyādiṣaṭkaṃ kañcukaṣaṭkam ucyate

— माया आदि षट्क (छह का समूह) ; — कञ्चुक-षट्क — छह आवरण (कवच) ; — कहलाता है

यह माया आदि षट्क कञ्चुक-षट्क कहलाता है।