तद्ध्रुवधामानुत्तरम् उभयात्मकजगद् उदारम् आनन्दम् । नो शान्तं नाप्य् उदितं शान्तोदितसूतिकारणं परं कौलम्
Transliteration (IAST)
taddhruvadhāmānuttaram ubhayātmakajagad udāram ānandam | no śāntaṃ nāpy uditaṃ śāntoditasūtikāraṇaṃ paraṃ kaulam
वह ध्रुव-धाम अनुत्तर है — उभय-आत्मक जगत् रूप उदार आनन्द; न शान्त, न उदित (किन्तु) शान्त एवं उदित (दोनों) का सूति-कारण (जन्म-स्थान), परम कौल (तत्त्व) है।