इत्थं यामलम् एतद् गलितभिदासङ्कथं यदैव तदा । क्रमतारतम्ययोगात् सैव हि संविद्विसर्गसङ्घट्टः
Transliteration (IAST)
itthaṃ yāmalam etad galitabhidāsaṅkathaṃ yadaiva tadā | kramatāratamyayogāt saiva hi saṃvidvisargasaṅghaṭṭaḥ
इस प्रकार जब यह यामल भेद की समस्त चर्चा से रहित (हो जाता है), तब क्रम की तरतमता (तीव्रता की मात्रा) के योग से वही संवित् एवं विसर्ग का सङ्घट्ट (मन्थन-मिलन) है।