कालुष्यापगमो हि शुद्धिः कालुष्यं च तदेकरूपे ऽपि अतत्स्वभावरूपान्तरसंवलनाभिमानः
Transliteration (IAST)
kāluṣyāpagamo hi śuddhiḥ kāluṣyaṃ ca tadekarūpe 'pi atatsvabhāvarūpāntarasaṃvalanābhimānaḥ
क्योंकि कालुष्य (मलिनता) का अपगम (दूर होना) ही शुद्धि है; और कालुष्य — उस एक-रूप (आत्मा) में भी अतत्-स्वभाव (उससे भिन्न स्वभाव वाले) अन्य रूप के संवलन (मिश्रण) का अभिमान है।