The Essence of the Tantra· 12.2 / 10

The Essence of the Tantra12.2

12.2

स्नानं च शुद्धता उच्यते शुद्धता च परमेश्वरस्वरूपसमावेशः

Transliteration (IAST)

snānaṃ ca śuddhatā ucyate śuddhatā ca parameśvarasvarūpasamāveśaḥ

— स्नान ; — शुद्धता — पवित्रता ; — कहलाता है ; — परमेश्वर के स्वरूप में समावेश

और स्नान शुद्धता कहलाता है; और शुद्धता परमेश्वर के स्वरूप में समावेश है।