The Vision of Śiva· 7.26 / 122

The Vision of Śiva7.26

7.26
समला तत्समाश्लेषात् सर्वेशित्वसमुद्गमः । तस्य शक्तिप्रदीपस्य किरणाभोद्यमप्रदा ॥२६॥
samalā tatsamāśleṣāt sarveśitvasamudgamaḥ | tasya śaktipradīpasya kiraṇābhodyamapradā
— समला (मलयुक्त) होकर ; — उस (उपाधि) के समाश्लेष से ; — सर्वेशित्व का समुद्गम ; — उस शक्तिरूप प्रदीप के ; — किरणों के समान आभा-उद्यम को प्रदान करने वाली

(वह शक्ति,) उस (परिमित उपाधि) के समाश्लेष (संपर्क) से अब समला (मलयुक्त) होकर, सर्वेशित्व (सार्वभौम स्वामित्व) का समुद्गम (उदय करती है); वह उस शक्तिरूप प्रदीप के किरणों के समान आभा-उद्यम (दीप्ति के उद्गम) को प्रदान करने वाली है।