The Vision of Śiva· 7.15 / 122

The Vision of Śiva7.15

7.15
न द्रव्यव्यतिरिक्तास्ति क्रिया नच न विद्यते । न तयापि विना कार्यं किंचनापि हि जायते ॥१५॥
na dravyavyatiriktāsti kriyā naca na vidyate | na tayāpi vinā kāryaṃ kiṃcanāpi hi jāyate
— द्रव्य से व्यतिरिक्त नहीं ; — है ; — क्रिया ; — और न ही विद्यमान नहीं ; — न उसके बिना ; — कार्य ; — कुछ भी ; — निश्चय ही ; — उत्पन्न होता है

क्रिया द्रव्य से व्यतिरिक्त (भिन्न) नहीं है, और फिर भी वह विद्यमान नहीं — ऐसा नहीं (अर्थात् वह सत्ता-रहित भी नहीं); और उसके बिना तो कोई भी कार्य उत्पन्न नहीं होता।