The Vision of Śiva· 7.13 / 122

The Vision of Śiva7.13

7.13
समस्तचित्रकार्यान्तर्गर्भिणी शिंबिकाकृतिः । स्वरूपाह्लादनिर्मुक्तिरहितेच्छोदयोद्गमः ॥१३॥
samastacitrakāryāntargarbhiṇī śiṃbikākṛtiḥ | svarūpāhlādanirmuktirahitecchodayodgamaḥ
— समस्त चित्र कार्यों को भीतर गर्भित रखने वाली ; — शिंबिका (फली) के आकार वाली ; — स्वरूप-आह्लाद से अविमुक्त इच्छोदय का उद्गम

(वह इच्छा) समस्त चित्र (विविध) कार्यों को अपने भीतर गर्भित (समाये) रखने वाली, शिंबिका (फली) के आकार वाली है; इच्छा के उद्गम का उदय (शिव के) स्वरूप-आह्लाद (निज आनन्द) से अविमुक्त (अभिन्न) रहता है।