विकल्पा अथवा नश्येदसावेतावदेव सत् ।
तत्रापि किंचित्कुर्वन्किं स नश्यति तथाविधाः ॥६३॥
vikalpā athavā naśyedasāvetāvadeva sat |
tatrāpi kiṃcitkurvankiṃ sa naśyati tathāvidhāḥ
अथवा (वही) विकल्प (नाश पर ही लगाएँ): यह (नाश, स्वयं) इतनी ही (एक) सत् (वस्तु होकर) नष्ट हो (सकता है); तो वहाँ भी (पूछो) क्या वह कुछ करते हुए नष्ट होता है? — वैसे ही (असंगत विकल्प फिर उठते हैं)।