The Vision of Śiva· 6.33 / 126

The Vision of Śiva6.33

6.33
विज्ञानवादिनां ज्ञानं सत्यं प्रत्येत्यसत्यताम् । बहिः कथं नह्यसत्यं सत्याद्भवितुमर्हति ॥३३॥
vijñānavādināṃ jñānaṃ satyaṃ pratyetyasatyatām | bahiḥ kathaṃ nahyasatyaṃ satyādbhavitumarhati
— विज्ञानवादियों के ; — ज्ञान ; — सत्य ; — ग्रहण करता है ; — असत्यता ; — बाहर ; — कैसे ; — क्योंकि नहीं ; — असत् ; — सत् से ; — होने योग्य

विज्ञानवादियों के (मत में) ज्ञान सत्य है, (किन्तु) वह असत्यता (बाह्य अर्थ को असत्य रूप में) ग्रहण करता है — बाहर कैसे (ग्रहण करे)? क्योंकि असत् सत् से उत्पन्न होने योग्य नहीं।