The Vision of Śiva· 6.21 / 126

The Vision of Śiva6.21

6.21
अविद्या वस्तुरूपा चेद्विद्यया साकमेकता । अवस्तु वा नह्यसत्यं सत्यरूपस्य साधनम् ॥२१॥
avidyā vasturūpā cedvidyayā sākamekatā | avastu vā nahyasatyaṃ satyarūpasya sādhanam
— अविद्या ; — वस्तु-रूप (सत्) ; — यदि ; — विद्या के साथ ; — एकता ; — अथवा अवस्तु (असत्) ; — क्योंकि नहीं ; — असत्य ; — सत्य-रूप का ; — साधन

यदि अविद्या वस्तु-रूप (सत्) हो, तो विद्या के साथ (उसकी) एकता (हो जाएगी, भेद ही न रहेगा); अथवा (वह) अवस्तु (असत्) हो — (तो) असत्य (वस्तु) सत्य-रूप (कार्य) का साधन नहीं हो सकती।