The Vision of Śiva· 6.122 / 126

The Vision of Śiva6.122

6.122
शिवत्वे न विशेषोऽस्ति शावलेयादिवद्यथा । तासु व्यक्तिषु रूपादिसंनिवेशादिभेदतः ॥१२२॥
śivatve na viśeṣo'sti śāvaleyādivadyathā | tāsu vyaktiṣu rūpādisaṃniveśādibhedataḥ
— शिवत्व में ; — विशेष (भेद) नहीं है ; — शावलेय आदि के समान ; — जैसे ; — उन व्यक्तियों (गायों) में ; — रूप, संनिवेश आदि के भेद से

शिवत्व में कोई (वास्तविक) विशेष (भेद) नहीं है — जैसे शावलेय आदि (विशेष गायों) के दृष्टान्त में: उन व्यक्तियों (गायों) में (आभासी भेद केवल) रूप, संनिवेश (आकृति) आदि के भेद से (उत्पन्न होते हैं, उनके समान गोत्व में नहीं)।