The Vision of Śiva· 6.121 / 126

The Vision of Śiva6.121

6.121
एतस्यामप्यवस्थायां नामभेदो न विद्यते । हतं केनैकरूपत्वं सामान्येऽपि यववस्थिते ॥१२१॥
etasyāmapyavasthāyāṃ nāmabhedo na vidyate | hataṃ kenaikarūpatvaṃ sāmānye'pi yavavasthite
— इस अवस्था में भी ; — नाम-भेद ; — नहीं पाया जाता ; — हत (निरस्त) ; — किसके द्वारा ; — एकरूपत्व ; — सामान्य भी ; — व्यवस्थित होने पर

इस (मुक्त) अवस्था में भी नाम-भेद नहीं पाया जाता; (तो) एकरूपत्व किसके द्वारा हत (निरस्त) किया जाए, जब सबका सामान्य (समान स्वभाव) भी व्यवस्थित है (— भेद तो मात्र नाम हैं)?