The Vision of Śiva· 5.99 / 110

The Vision of Śiva5.99

5.99
सर्वज्ञत्वादशेषस्य तदहर्जातदारके । क्षीरादिके निगलनात्तदा कालेऽप्यशिक्षिते ॥९९॥
sarvajñatvādaśeṣasya tadaharjātadārake | kṣīrādike nigalanāttadā kāle'pyaśikṣite
— सर्वज्ञत्व से ; — समस्त (प्राणियों) के ; — उसी दिन जन्मे बालक में ; — दूध आदि के ; — निगलने से ; — उस समय ; — समय में ; — भी ; — अशिक्षित होने पर

(यह) समस्त (प्राणियों) के सर्वज्ञत्व से (सिद्ध होता है): उसी दिन जन्मे बालक में, उस समय अशिक्षित होने पर भी, दूध आदि के निगलने से (— ऐसा अशिक्षित ज्ञान अन्तर्निहित सर्वज्ञता का द्योतक है)।