The Vision of Śiva· 5.100 / 110

The Vision of Śiva5.100

5.100
उदरस्थस्य च ग्रासग्रहणान्मातुरन्तरे । अशिक्षितानां तरणात् प्राणिनां निम्नगाजलात् ॥१००॥
udarasthasya ca grāsagrahaṇānmāturantare | aśikṣitānāṃ taraṇāt prāṇināṃ nimnagājalāt
— उदरस्थ (गर्भस्थ) के ; — और ; — ग्रास-ग्रहण (पोषण-ग्रहण) से ; — माता के भीतर ; — अशिक्षितों के ; — तैरने से ; — प्राणियों के ; — नदी के जल में

और (यह) उदरस्थ (गर्भस्थ शिशु) के, माता के भीतर, ग्रास-ग्रहण (पोषण-ग्रहण) से (सिद्ध होता है); और अशिक्षित प्राणियों के नदी के जल में तैरने से (— ऐसा ज्ञान कोई उपदेश नहीं दे सकता)।