उदरस्थस्य च ग्रासग्रहणान्मातुरन्तरे ।
अशिक्षितानां तरणात् प्राणिनां निम्नगाजलात् ॥१००॥
udarasthasya ca grāsagrahaṇānmāturantare |
aśikṣitānāṃ taraṇāt prāṇināṃ nimnagājalāt
और (यह) उदरस्थ (गर्भस्थ शिशु) के, माता के भीतर, ग्रास-ग्रहण (पोषण-ग्रहण) से (सिद्ध होता है); और अशिक्षित प्राणियों के नदी के जल में तैरने से (— ऐसा ज्ञान कोई उपदेश नहीं दे सकता)।