तदहर्जातकस्यापि वासना सान्यजन्मजा ।
तत्तज्जातीयधर्मो वा तथाज्ञानस्वभावता ॥७६॥
tadaharjātakasyāpi vāsanā sānyajanmajā |
tattajjātīyadharmo vā tathājñānasvabhāvatā
उसी दिन जन्मे (शिशु) के भी एक वासना (संस्कार, जो ज्ञान दिखाती है) है — और वह (वासना) अन्य जन्म से उत्पन्न (मानी जाती है), अथवा उस-उस जाति का धर्म; (दोनों ही प्रकार से वह) इसी प्रकार ज्ञान-स्वभावता (की ओर संकेत करती है)।