The Vision of Śiva· 5.67 / 110

The Vision of Śiva5.67

5.67
अनुमानं न चास्तीति पक्षादिर्नोपयुज्यते । गोपालघटिकान्यैश्च घटिता न ह्यसम्भवात् ॥६७॥
anumānaṃ na cāstīti pakṣādirnopayujyate | gopālaghaṭikānyaiśca ghaṭitā na hyasambhavāt
— अनुमान ; — और नहीं है ; — इस प्रकार ; — पक्ष आदि ; — उपयोगी नहीं ; — 'गोपाल-घटिका' आदि से ; — घटित (अनुमान-सामग्री) ; — नहीं ही ; — असम्भव होने के कारण

इस प्रकार (यथार्थवादियों के अभिप्राय में) अनुमान है ही नहीं; (अतः) पक्ष आदि उपयोगी नहीं; और 'गोपाल-घटिका' आदि (मोटे दृष्टान्तों) से घटित (अनुमान-सामग्री भी) नहीं (टिकती), क्योंकि (चित् के बिना उसका) असम्भव है।