The Vision of Śiva· 4.82 / 124

The Vision of Śiva4.82

4.82
बालमूकादिविज्ञानसदृशी किदृशी क्रिया । सविकल्पस्य योगित्वाद्यथावस्तु ग्रहः कथम् ॥८२॥
bālamūkādivijñānasadṛśī kidṛśī kriyā | savikalpasya yogitvādyathāvastu grahaḥ katham
— बालक, मूक आदि के विज्ञान के सदृश ; — कैसी ; — क्रिया ; — सविकल्प का ; — (अर्थ-शून्य शब्दों से) युक्त होने के कारण ; — यथार्थ-वस्तु के अनुसार ; — ग्रहण ; — कैसे

(बौद्ध-मत में निर्विकल्प प्रत्यक्ष) बालक, मूक आदि के विज्ञान के सदृश (होकर) — वह कैसी (सार्थक) क्रिया (उत्पन्न करेगा)? और सविकल्प (ज्ञान) (अर्थ-शून्य शब्दों से) युक्त होने के कारण, यथार्थ-वस्तु का ग्रहण कैसे (हो)?