असत्त्वे कारकाणं हि समूहो न भवेत्तदा ।
कर्माख्यस्य ह्यसत्यत्वात्तत्संबन्धोऽसता कथम् ॥४६॥
asattve kārakāṇaṃ hi samūho na bhavettadā |
karmākhyasya hyasatyatvāttatsaṃbandho'satā katham
क्योंकि (कार्य के) असत् होने पर तब कारकों का समूह नहीं बनेगा — क्योंकि कर्म-नामक (कारक, अर्थात् कार्य) असत्य होगा, तो असत् के साथ उसका (अन्य कारकों का) सम्बन्ध कैसे (हो)?