The Vision of Śiva· 4.46 / 124

The Vision of Śiva4.46

4.46
असत्त्वे कारकाणं हि समूहो न भवेत्तदा । कर्माख्यस्य ह्यसत्यत्वात्तत्संबन्धोऽसता कथम् ॥४६॥
asattve kārakāṇaṃ hi samūho na bhavettadā | karmākhyasya hyasatyatvāttatsaṃbandho'satā katham
— (कार्य के) असत् होने पर ; — कारकों का ; — क्योंकि ; — समूह ; — नहीं बनेगा ; — तब ; — कर्म-नामक (कार्य) का ; — असत्य होने के कारण ; — उसके साथ सम्बन्ध ; — असत् के साथ ; — कैसे

क्योंकि (कार्य के) असत् होने पर तब कारकों का समूह नहीं बनेगा — क्योंकि कर्म-नामक (कारक, अर्थात् कार्य) असत्य होगा, तो असत् के साथ उसका (अन्य कारकों का) सम्बन्ध कैसे (हो)?