The Vision of Śiva· 4.109 / 124

The Vision of Śiva4.109

4.109
एवंविधो घटोऽत्रास्ते इत्यात्मा प्रतिबोध्यते । तदेवं पूर्वदृष्टस्य वर्णनासदृशं भवेत् ॥१०९॥
evaṃvidho ghaṭo'trāste ityātmā pratibodhyate | tadevaṃ pūrvadṛṣṭasya varṇanāsadṛśaṃ bhavet
— इस प्रकार का ; — घट ; — यहाँ ; — है ; — ऐसा ; — आत्मा ; — बोधित किया जाता है ; — ऐसा होने पर ; — पहले देखे हुए के ; — वर्णन के सदृश ; — होगा

(यदि कहो कि) 'इस प्रकार का घट यहाँ है' — ऐसा आत्मा को बोधित किया जाता है — तो ऐसा होने पर वह पहले देखे हुए (पदार्थ) के वर्णन के सदृश ही होगा (और मन कुछ नया नहीं बतलाता)।