एवंविधो घटोऽत्रास्ते इत्यात्मा प्रतिबोध्यते ।
तदेवं पूर्वदृष्टस्य वर्णनासदृशं भवेत् ॥१०९॥
evaṃvidho ghaṭo'trāste ityātmā pratibodhyate |
tadevaṃ pūrvadṛṣṭasya varṇanāsadṛśaṃ bhavet
(यदि कहो कि) 'इस प्रकार का घट यहाँ है' — ऐसा आत्मा को बोधित किया जाता है — तो ऐसा होने पर वह पहले देखे हुए (पदार्थ) के वर्णन के सदृश ही होगा (और मन कुछ नया नहीं बतलाता)।