The Vision of Śiva· 4.104 / 124

The Vision of Śiva4.104

4.104
प्रक्रियामात्रमेवैतद्यतः पूर्वापरात्मता । क्रियायाः कारकाणां हि क्रमोऽस्त्येव स्वकर्मणि ॥१०४॥
prakriyāmātramevaitadyataḥ pūrvāparātmatā | kriyāyāḥ kārakāṇāṃ hi kramo'styeva svakarmaṇi
— प्रक्रिया-मात्र ही ; — यह ; — क्योंकि ; — पूर्व-अपर-स्वरूपता ; — क्रिया की ; — कारकों का ; — निश्चय ही ; — क्रम ; — है ही ; — अपने व्यापार में

यह तो प्रक्रिया-मात्र (व्यापार-क्रम मात्र) है, क्योंकि पूर्व-अपर-स्वरूप क्रिया का है; क्योंकि कारकों का अपने व्यापार में क्रम है ही (किन्तु अधिष्ठाता एक रहता है)।