The Vision of Śiva· 2.31 / 90

The Vision of Śiva2.31

2.31
पश्यन्त्या लक्षितासौ वा नवा यदि न लक्षिता । पश्यन्ती जाड्यमायाति लक्षिता तर्हि लक्षिता ॥३१॥
paśyantyā lakṣitāsau vā navā yadi na lakṣitā | paśyantī jāḍyamāyāti lakṣitā tarhi lakṣitā
— पश्यन्ती द्वारा ; — लक्षित ; — वह (अविद्या) ; — या नहीं ; — यदि ; — लक्षित नहीं ; — पश्यन्ती ; — जड़ता को ; — प्राप्त होती है ; — लक्षित होने पर ; — तब ; — लक्षित (विषय बनी)

क्या वह (अविद्या) पश्यन्ती द्वारा लक्षित है या नहीं? यदि लक्षित नहीं, तो पश्यन्ती जड़ता को प्राप्त होती है; यदि लक्षित है, तो वह (अनिर्वचनीयता के विरुद्ध) लक्षित (विषय) बन गई।