पश्यन्त्या लक्षितासौ वा नवा यदि न लक्षिता ।
पश्यन्ती जाड्यमायाति लक्षिता तर्हि लक्षिता ॥३१॥
paśyantyā lakṣitāsau vā navā yadi na lakṣitā |
paśyantī jāḍyamāyāti lakṣitā tarhi lakṣitā
क्या वह (अविद्या) पश्यन्ती द्वारा लक्षित है या नहीं? यदि लक्षित नहीं, तो पश्यन्ती जड़ता को प्राप्त होती है; यदि लक्षित है, तो वह (अनिर्वचनीयता के विरुद्ध) लक्षित (विषय) बन गई।