सत्या ह्यसावसत्या वा सत्यत्वे दर्शनक्षतिः ।
असत्ययापि सत्यस्य संबन्धोऽतीव दुर्घटः ॥२३॥
satyā hyasāvasatyā vā satyatve darśanakṣatiḥ |
asatyayāpi satyasya saṃbandho'tīva durghaṭaḥ
यह (अविद्या) सत्य है या असत्य? सत्य होने पर तो (तुम्हारे) दर्शन का ही नाश होता है; और असत्य के साथ भी सत्य का सम्बन्ध अत्यन्त दुर्घट है।