The Vision of Śiva· 2.23 / 90

The Vision of Śiva2.23

2.23
सत्या ह्यसावसत्या वा सत्यत्वे दर्शनक्षतिः । असत्ययापि सत्यस्य संबन्धोऽतीव दुर्घटः ॥२३॥
satyā hyasāvasatyā vā satyatve darśanakṣatiḥ | asatyayāpi satyasya saṃbandho'tīva durghaṭaḥ
— सत्य ; — निश्चय ही ; — यह (अविद्या) ; — असत्य ; — अथवा ; — सत्य होने पर ; — दर्शन का नाश ; — असत्य के साथ ; — भी ; — सत्य का ; — सम्बन्ध ; — अत्यन्त ; — दुर्घट

यह (अविद्या) सत्य है या असत्य? सत्य होने पर तो (तुम्हारे) दर्शन का ही नाश होता है; और असत्य के साथ भी सत्य का सम्बन्ध अत्यन्त दुर्घट है।