The Vision of Śiva· 1.49 / 49

The Vision of Śiva1.49

1.49
एवं भेदात्मकं नित्यं शिवतत्त्वमनन्तकम् । तथा तस्य व्यवस्थानान्नानारूपेऽपि सत्यता ॥४९॥
evaṃ bhedātmakaṃ nityaṃ śivatattvamanantakam | tathā tasya vyavasthānānnānārūpe'pi satyatā
— इस प्रकार ; — भेदात्मक ; — नित्य ; — शिवतत्त्व ; — अनन्त ; — और ; — उसके ; — व्यवस्थान के कारण ; — नाना-रूप (जगत्) में ; — भी ; — सत्यता

इस प्रकार भेदात्मक होते हुए भी शिवतत्त्व नित्य और अनन्त है; और उसके (सर्वत्र) व्यवस्थान के कारण नाना-रूप (जगत्) में भी सत्यता है।