The Vision of Śiva· 1.38 / 49

The Vision of Śiva1.38

1.38
क्रीडन्करोति पादातधर्मांस्तद्धर्मधर्मतः । तथा प्रभुः प्रमोदात्मा क्रीडत्येवं तथा तथा ॥३८॥
krīḍankaroti pādātadharmāṃstaddharmadharmataḥ | tathā prabhuḥ pramodātmā krīḍatyevaṃ tathā tathā
— क्रीड़ा करता हुआ ; — करता है ; — पादात (पैदल सैनिक) के धर्मों को ; — उस धर्म के अनुसार ; — उसी प्रकार ; — प्रभु ; — प्रमोद-स्वरूप ; — क्रीड़ा करता है ; — इस प्रकार ; — वैसे-वैसे

— क्रीड़ा करता हुआ उस-उस धर्म के अनुसार पादात (पैदल सैनिक) के धर्मों का आचरण करता है; उसी प्रकार प्रमोद-स्वरूप प्रभु इस प्रकार वैसे-वैसे क्रीड़ा करता है।