The Vision of Śiva· 1.39 / 49

The Vision of Śiva1.39

1.39
इत्थं शिवो बोधमयः स एव परनिर्वृतिः । सैव चोन्मुखतां याति सेच्छाज्ञानक्रियात्मताम् ॥३९॥
itthaṃ śivo bodhamayaḥ sa eva paranirvṛtiḥ | saiva conmukhatāṃ yāti secchājñānakriyātmatām
— इस प्रकार ; — शिव ; — बोधमय ; — वही ; — पर-निर्वृति ; — वही ; — और ; — उन्मुखता को ; — प्राप्त होता है ; — इच्छा-ज्ञान-क्रिया-स्वरूपता को

इस प्रकार बोधमय शिव ही पर-निर्वृति है; और वही उन्मुखता को प्राप्त होकर इच्छा-ज्ञान-क्रिया-स्वरूपता को (धारण करता है)।