The Vision of Śiva· 1.24 / 49

The Vision of Śiva1.24

1.24
घटादिग्रहकालेऽपि घटं जानाति सा क्रिया । जानाति ज्ञानमत्रैव निरिच्छोर्वेदनक्षतिः ॥२४॥
ghaṭādigrahakāle'pi ghaṭaṃ jānāti sā kriyā | jānāti jñānamatraiva niricchorvedanakṣatiḥ
— घट आदि के ग्रहण के समय ; — भी ; — घट को ; — जानती है ; — वह ; — क्रिया ; — जानता है ; — ज्ञान ; — यहाँ ; — ही ; — इच्छारहित का ; — वेदन (बोध) का लोप

घट आदि के ग्रहण के समय भी वह क्रिया घट को जानती है; यहीं ज्ञान जानता है — क्योंकि इच्छारहित में तो वेदन (बोध) का ही लोप हो जाएगा।