tām me kathaya deveśa yena tṛptiṃ vrajāmy aham |
śrībhairava uvāca |
śṛṇu devi mahābhage uttarasyāpy anuttaram
— उसको, उस (शक्ति) को; — मुझे; — कहिए, बताइए; — हे देवेश — देवों के ईश; — जिससे; — तृप्ति, सन्तोष; — मैं प्राप्त करूँ; — मैं; — श्रीभैरव — पूज्य भैरव; — बोले, कहा; — सुनो; — हे देवी; — हे महाभागे — महान् भाग्यशालिनी; — उत्तर (श्रेष्ठ) से भी; — अनुत्तर — जो उत्तर से भी परे है
हे देवेश, मुझे उसके विषय में कहिए, जिससे मैं तृप्ति को प्राप्त करूँ। श्रीभैरव ने कहा — हे देवी, हे महाभागे, सुनो — उस अनुत्तर को, जो उत्तर (श्रेष्ठ) से भी परे है।