Parātrīśikā1.4
कथयामि न संदेहः सद्यः कौलिकसिद्धिदम् ।
कौलिको ऽयं विधिर् देवि मम हृद्व्योम्न्य् अवस्थितः ॥४॥
kathayāmi na saṃdehaḥ sadyaḥ kaulikasiddhidam |
kauliko 'yaṃ vidhir devi mama hṛdvyomny avasthitaḥ
— मैं कहता हूँ, मैं बताता हूँ ; — नहीं ; — संदेह ; — तत्काल, तुरन्त ; — कौलिक सिद्धि देने वाला ; — कौलिक — कुल से सम्बन्धित ; — यह ; — विधि — मार्ग, क्रम, विधान ; — हे देवी ; — मेरे ; — हृदयाकाश में — हृदय के व्योम में (हृद्-व्योमन्) ; — स्थित, प्रतिष्ठित मैं (उसे) कहता हूँ, इसमें कोई संदेह नहीं — वह जो तत्काल कौलिक सिद्धि देता है। हे देवी, यह कौलिक विधि मेरे हृदयाकाश में स्थित है।