anena jñātamātreṇa jñāyate sarvaśaktibhiḥ |
śākinīkulasāmānyo bhaved yogaṃ vināpi hi
— इसके द्वारा; — मात्र जान लेने से; — जाना जाता है, पहचाना जाता है; — समस्त शक्तियों द्वारा; — शाकिनी-कुल का सामान्य — सजातीय, उस कुल का अंग; — हो जाता है; — योग — (औपचारिक) साधना; — बिना भी (विना + अपि); — निश्चय ही, क्योंकि
इसके मात्र जान लेने से (साधक) समस्त शक्तियों द्वारा (अपना मान कर) जाना जाता है; योग के बिना भी वह शाकिनी-कुल का सामान्य (सजातीय) हो जाता है।