— गाढ़ रूप से, तीव्रता से; — उल्लिखित किए जाने पर (वर्तमान कर्मवाच्य कृदन्त); — किन्तु, निश्चय ही; — विकल्प के द्वारा; — सुख आदि (के होने पर); — तथा-स्थिति (वैसी ही अवस्था); — ठीक उसी (तीव्र) रूप में; — हो (विधि, √अस्); — स्पष्ट रूप से; — इसके; — उपलक्षित (अनुभूत) होने के कारण
किन्तु जब सुख आदि को विकल्प के द्वारा गाढ़ रूप से (तीव्रता से) उल्लिखित किया जाता है, तब उसकी 'तथा-स्थिति' (वैसी ही स्थिति) ठीक उसी (तीव्र) रूप में स्पष्ट प्रतीत होगी, क्योंकि वह वैसे ही उपलक्षित (अनुभूत) होता है।