— आभास; — फिर, इसके अतिरिक्त; — (पूर्व) आभास से; — बाह्य (अर्थ) का; — उत्पन्न हुआ (अनद्यतन भूत, √अस्); — किसी भी प्रकार; — (बाह्य) अर्थ की; — बिल्कुल नहीं; — उस (आभास) से; — इस (अर्थ) की; — सिद्धि; — न ही; — अनुमान से
और बाह्य अर्थ का आभास किसी न किसी प्रकार (पूर्व) आभास से ही उत्पन्न हुआ; इसलिए उससे न तो अर्थ की सिद्धि होती है, और न ही अनुमान से।