tan mayā dṛśyate dṛṣṭo 'yaṃ sa ity āmṛśaty api
grāhyagrāhakatābhinnāv arthau bhātaḥ pamātari
— इसलिए, इस प्रकार; — 'यह मेरे द्वारा देखा जा रहा है' (कर्मवाच्य); — 'यह वही है जो देखा था'; — इति — इस प्रकार; — विमर्श करता है (√मृश्+आ); — भी, यहाँ तक कि; — ग्राह्यता और ग्राहकता रूप में विभक्त दोनों; — दोनों अर्थ (विषय और विषयी); — प्रतिभासित होते हैं (द्विवचन, √भा); — (एक) प्रमाता में
इस प्रकार वह (प्रमाता) 'यह मेरे द्वारा देखा जा रहा है' और 'यह वही है जो (पहले) देखा था' — ऐसा विमर्श भी करता है; और ग्राह्यता तथा ग्राहकता रूप में विभक्त दोनों अर्थ (विषय और विषयी) एक ही प्रमाता में प्रतिभासित होते हैं।