tatra svasṛṣṭedaṃbhāge buddhyādigrāhakātmanā
ahaṃkāraparāmarśapadam nītam anena tat
— वहाँ, उसमें; — अपनी रची हुई 'इदम्' (यह) भाग में; — बुद्धि आदि ग्राहक (प्रमाता) रूप से; — अहंकार के परामर्श के पद को; — ले जाया गया (भूत कृदन्त); — इसके (ईश्वर के) द्वारा; — वह (भाग)
उसमें, अपनी रची हुई 'इदम्' (यह) भाग में, उस (ईश्वर) के द्वारा वह (भाग) — बुद्धि आदि ग्राहक (प्रमाता) रूप से — अहंकार के परामर्श के पद तक ले जाया जाता है।