— मध्य (सुषुम्ना) में ऊर्ध्व जाने वाला; — उदान नामक; — तुर्य (चतुर्थ अवस्था) में स्थित; — अग्नि-स्वरूप, हुतभुक्-मय; — जिसका स्वामी विज्ञानाकल तथा मन्त्रेश है; — व्यान (व्याप्त प्राण); — विश्व-स्वरूप, जिसका आत्मा विश्व है; — परम (तुर्यातीत के अनुरूप)
मध्य (सुषुम्ना) में ऊर्ध्व जाने वाला उदान नामक (प्राण) तुर्य में स्थित, अग्नि-स्वरूप है — जिसका स्वामी विज्ञानाकल तथा मन्त्रेश है; और व्यान विश्व-स्वरूप, परम (तुर्यातीत) है।