kalodbalitam etac ca cittattvaṃ kartṛtāmayam
acidrūpasya śūnyāder mitaṃ guṇatayā sthitam
— कला से उद्बलित (शक्ति-सम्पन्न किया हुआ); — यह; — और; — चित्-तत्त्व; — कर्तृता-मय; — अचित्-स्वरूप (का); — शून्य आदि का; — सीमित, मित (भूत कृदन्त); — गुण (गौण धर्म) के रूप में; — स्थित रहता है (भूत कृदन्त)
और कला से उद्बलित (शक्ति-सम्पन्न) किया हुआ, कर्तृता-मय यह चित्-तत्त्व — सीमित होकर — अचित्-स्वरूप शून्य आदि का गुण (गौण धर्म) बनकर स्थित रहता है।