Verses on the Recognition of the Lord· 12.8 / 21

Verses on the Recognition of the Lord12.8

12.8
अत एवाङ्कुरे ऽपीष्टो निमित्तं परमेश्वरः तद् अन्यस्यापि बीजादेर् हेतुता नोपपद्यते ॥८॥
ata evāṅkure 'pīṣṭo nimittaṃ parameśvaraḥ tad anyasyāpi bījāder hetutā nopapadyate
— इसी कारण ; — अंकुर के विषय में ; — भी ; — माना गया है (भूत कृदन्त) ; — निमित्त, (वास्तविक) कारण ; — परमेश्वर ; — इसलिए ; — किसी अन्य की ; — भी ; — बीज आदि की ; — हेतुता — कारण-भाव ; — युक्त नहीं है (√पद्+उप, आत्मनेपद)

इसी कारण अंकुर का भी (वास्तविक) निमित्त परमेश्वर माना जाता है; इसलिए बीज आदि किसी अन्य की हेतुता (कारण-भाव) युक्त नहीं है।