kiṃ tu mohavaśād asmin dṛṣṭe 'py anupalakṣite
śaktyāviṣkaraṇeneyaṃ pratyabhijñopadarśyate
— किन्तु, परन्तु; — मोह के वश से; — इस (ईश्वर) में; — देखे जाने पर (भी); — भी, यद्यपि; — (भलीभाँति) पहचाना न जाने पर, अलक्षित; — शक्तियों के प्रकटीकरण द्वारा; — यह; — प्रत्यभिज्ञा; — उपदर्श्यते — दिखलाई जाती है (कर्मवाच्य)
किन्तु मोह के वश से वह (ईश्वर) देखे जाने पर भी (भलीभाँति) पहचाना नहीं जाता; इसलिए उसकी शक्तियों के प्रकटीकरण द्वारा यह प्रत्यभिज्ञा दिखलाई जाती है।