— कर्ता के विषय में (अधिकरण); — ज्ञाता के विषय में; — अपने ही आत्मा के विषय में; — आदि से सिद्ध, आदि-सिद्ध; — महेश्वर के विषय में; — अजड़-स्वरूप — चेतन प्राणी; — निषेध, नकार; — अथवा, या; — सिद्धि, प्रमाण; — विदधीत — कर सकता है (विधि, आत्मनेपद); — कौन?
जब कर्ता, ज्ञाता, अपना ही आत्मा तथा आदि से ही सिद्ध महेश्वर (विद्यमान) है, तब कौन-सा चेतन प्राणी उसका निषेध अथवा सिद्धि कर सकता है?