The Great Liberation Tantra· 2.53 / 54

The Great Liberation Tantra2.53

2.53
नाऽयासो नोपवासश्च कायक्लेशो न विद्यते । नैवाऽचारादिनियमो नोपचाराश्च भूरिशः ॥५३॥
nā'yāso nopavāsaśca kāyakleśo na vidyate | naivā'cārādiniyamo nopacārāśca bhūriśaḥ ||53||
— न आयास ; — न ; — न उपवास ; — शरीर का क्लेश ; — नहीं ; — है, आवश्यक है ; — नहीं ही ; — आचार आदि का नियम ; — न ; — और उपचार ; — प्रचुर रूप से

न आयास, न उपवास, न शरीर का क्लेश आवश्यक है; न आचार आदि का कोई नियम, और न प्रचुर उपचार —