The Essence of the Tantra· 13.44 / 101

The Essence of the Tantra13.44

13.44

उपकरणद्रव्याणां यागगृहान्तर्वर्तितया परमेशतेजोबृंहणेन पूजोपकरणयोग्यतार्पणम् इति

Transliteration (IAST)

upakaraṇadravyāṇāṃ yāgagṛhāntarvartitayā parameśatejobṛṃhaṇena pūjopakaraṇayogyatārpaṇam iti

— उपकरण-द्रव्यों का ; — याग-गृह के भीतर वर्ती होने से ; — परमेश-तेज के बृंहण (वृद्धि) से ; — पूजा-उपकरण की योग्यता का अर्पण

(और यह) उपकरण-द्रव्यों का — याग-गृह के भीतर वर्ती होने से, परमेश-तेज के बृंहण (वृद्धि) से — पूजा-उपकरण की योग्यता का अर्पण है।