The Vision of Śiva· 6.78 / 126

The Vision of Śiva6.78

6.78
घटमानयशब्दस्य प्रतिषेधेन वाच्यता । अघटादेरपोहेन किं घटं प्रतिपद्यसे ॥७८॥
ghaṭamānayaśabdasya pratiṣedhena vācyatā | aghaṭāderapohena kiṃ ghaṭaṃ pratipadyase
— 'घट लाओ' शब्द की ; — प्रतिषेध (निषेध) से ; — वाच्यता ; — अघट (न-घट) आदि के ; — अपोह (व्यावृत्ति) से ; — क्या ; — घट को ; — जानते हो

क्या 'घट लाओ' इस शब्द की वाच्यता प्रतिषेध (निषेध) से (बनती है)? क्या अघट (न-घट) आदि के अपोह (व्यावृत्ति) से तुम घट को जानते हो (— यह स्पष्ट असंगति है, क्योंकि उसके विपरीत का अपोह करने के लिए पहले घट को जानना आवश्यक है)?