घटमानयशब्दस्य प्रतिषेधेन वाच्यता ।
अघटादेरपोहेन किं घटं प्रतिपद्यसे ॥७८॥
ghaṭamānayaśabdasya pratiṣedhena vācyatā |
aghaṭāderapohena kiṃ ghaṭaṃ pratipadyase
क्या 'घट लाओ' इस शब्द की वाच्यता प्रतिषेध (निषेध) से (बनती है)? क्या अघट (न-घट) आदि के अपोह (व्यावृत्ति) से तुम घट को जानते हो (— यह स्पष्ट असंगति है, क्योंकि उसके विपरीत का अपोह करने के लिए पहले घट को जानना आवश्यक है)?