निर्भागत्वात्स्फोटतत्त्वे स्फोटतत्त्वात्मकात्कथम् ।
आभासरूपवस्तूनां शाब्दिकान्नो भवेद्ग्रहः ॥९८॥
nirbhāgatvātsphoṭatattve sphoṭatattvātmakātkatham |
ābhāsarūpavastūnāṃ śābdikānno bhavedgrahaḥ
स्फोट-तत्त्व के निर्भाग (अखण्ड) होने से, उस स्फोट-तत्त्व-स्वरूप से (नाना अर्थ) कैसे (निकलें)? (अपितु) आभास-रूप वस्तुओं का ग्रहण क्या उस शाब्दिक (वैयाकरण के सिद्धान्त) से न होगा (जब वह एक चित्-रूप शब्द में आश्रित हो)?