The Vision of Śiva· 4.96 / 124

The Vision of Śiva4.96

4.96
ततोऽप्येतच्छिवात्मत्वं भावानामुपपद्यते । तथार्थावगतिर्वाक्यात्पदाद्वा नोपपद्यते ॥९६॥
tato'pyetacchivātmatvaṃ bhāvānāmupapadyate | tathārthāvagatirvākyātpadādvā nopapadyate
— उससे भी ; — यह ; — शिवात्मत्व ; — भावों का ; — उपपन्न होता है ; — इसी प्रकार ; — अर्थ का अवगम ; — वाक्य से ; — पद से अथवा ; — उपपन्न नहीं होता

इससे भी भावों का यह शिवात्मत्व सिद्ध होता है; इसी प्रकार वाक्य से या पद से अर्थ का अवगम भी (एकीकरणकारी चित् के बिना) उपपन्न नहीं होता।