The Vision of Śiva· 4.74 / 124

The Vision of Śiva4.74

4.74
शब्देन चेत्तदेवं हि सर्वसंसारनाशता । असत्यव्यवहारेण तादृगेव जगद्भवेत् ॥७४॥
śabdena cettadevaṃ hi sarvasaṃsāranāśatā | asatyavyavahāreṇa tādṛgeva jagadbhavet
— शब्द से (ही) ; — यदि ; — तो इस प्रकार निश्चय ही ; — समस्त संसार का नाश ; — असत्य व्यवहार से ; — वैसा ही ; — जगत् ; — हो जाएगा

यदि (कहो कि) शब्द से ही (व्यवहार होता है, अर्थ-निरपेक्ष) — तो इस प्रकार समस्त संसार का नाश हो जाएगा; (क्योंकि) असत्य व्यवहार से जगत् भी वैसा ही (असत्य) हो जाएगा (— यह अनिष्ट है)।