The Vision of Śiva· 4.5 / 124

The Vision of Śiva4.5

4.5
तस्मादनेकभावाभिः शक्तिभिस्तदभेदतः । एक एव स्थितः शक्तः शिव एव तथा तथा ॥५॥
tasmādanekabhāvābhiḥ śaktibhistadabhedataḥ | eka eva sthitaḥ śaktaḥ śiva eva tathā tathā
— इसलिए ; — अनेक भाव वाली ; — शक्तियों के द्वारा ; — उससे अभिन्न होने के कारण ; — एक ही ; — स्थित ; — शक्त ; — शिव ही ; — वैसे-वैसे

इसलिए अनेक भाव वाली शक्तियों के द्वारा — जो उससे अभिन्न हैं — एक ही शक्त (सत्ता), शिव ही, वैसे-वैसे स्थित है।