The Vision of Śiva· 4.3 / 124

The Vision of Śiva4.3

4.3
स्वकार्यविषये सर्वः शक्त एव निबन्धनम् । शक्तस्य शक्यते कर्तुमेवं ४चेन्नान्यशक्तता ॥३॥
svakāryaviṣaye sarvaḥ śakta eva nibandhanam | śaktasya śakyate kartumevaṃ 4cennānyaśaktatā
— अपने कार्य के विषय में ; — सब ; — शक्त ही ; — आधार ; — शक्त (वस्तु) का ; — किया जा सकता है ; — करना ; — ऐसा होने पर ; — यदि ; — नहीं ; — अन्य द्वारा शक्तिकरण

(उत्तर:) अपने कार्य के विषय में सब (वस्तु) शक्त ही है — यही (कारण का) आधार है। शक्त (वस्तु) से ही (कार्य) किया जा सकता है; ऐसा होने पर अन्य (वस्तु) द्वारा शक्तिकरण नहीं (होता)।