The Vision of Śiva· 3.40 / 99

The Vision of Śiva3.40

3.40
अत एव परेच्छातो न जडत्वमवस्थितम् । पृथिव्यादितत्त्वगणे जडत्वं चेत्प्रतीयते ॥४०॥
ata eva parecchāto na jaḍatvamavasthitam | pṛthivyāditattvagaṇe jaḍatvaṃ cetpratīyate
— इसी कारण ; — परम (शिव) की इच्छा से ; — नहीं ; — जड़त्व ; — अवस्थित ; — पृथ्वी आदि तत्त्व-समूह में ; — जड़त्व ; — यदि ; — प्रतीत होता है

इसी कारण परम (शिव) की इच्छा से कोई (वास्तविक) जड़त्व अवस्थित नहीं है; और यदि पृथ्वी आदि तत्त्व-समूह में जड़त्व प्रतीत भी होता है —